Nagpur, 25 मार्च 2026:
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रेस रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय ने देशभर के सभी समाचार पत्र एवं पत्रिका प्रकाशकों के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025–2026 के लिए वार्षिक विवरण (Annual Statement) दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है, जिसके तहत 1 अप्रैल 2026 से प्रेस सेवा पोर्टल पर ई-फाइलिंग विंडो शुरू होगी।
सरकार ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि सभी पंजीकृत प्रकाशकों को अपने-अपने लॉगिन के माध्यम से केवल ऑनलाइन मोड में ही वार्षिक विवरण जमा करना होगा। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का ऑफलाइन सबमिशन, डाक द्वारा आवेदन या मैन्युअल दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे, जिससे प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तेज और उत्तरदायी बनाया जा सके।[pdf_embed url=”https://vakilpatra.com/wp-content/uploads/2026/03/advisory_no._07_of_2026001.pdf”]प्रेस और पंजीकरण अधिनियम, 2023 की धारा 12 के तहत प्रत्येक प्रकाशक के लिए यह कानूनी दायित्व है कि वह निर्धारित प्रारूप में अपने प्रकाशन से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी—जैसे प्रसार, स्वामित्व, प्रकाशन विवरण आदि—सही और पूर्ण रूप से प्रस्तुत करे। यह वार्षिक विवरण मीडिया सेक्टर में पारदर्शिता बनाए रखने और सरकारी रिकॉर्ड को अपडेट रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
एडवाइजरी में यह भी उल्लेख किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025–2026 का वार्षिक विवरण 31 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से दाखिल करना होगा। निर्धारित समय सीमा का पालन न करने, अधूरी जानकारी देने या गलत विवरण प्रस्तुत करने की स्थिति में संबंधित प्रकाशक के खिलाफ अधिनियम की विभिन्न धाराओं—जैसे सेक्शन 11(c), 11(d), 14(b) और 19(i)—के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि एक बार वार्षिक विवरण सबमिट हो जाने के बाद उसमें किसी प्रकार का संशोधन या सुधार करने की अनुमति नहीं होगी। इसलिए प्रकाशकों को सलाह दी गई है कि वे सबमिशन से पहले सभी जानकारियों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करें और आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करें।
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✍️ Write for Vakilpatra — Get Publishedतकनीकी दृष्टि से किसी भी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने हेल्पडेस्क की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जहां प्रकाशक फोन नंबर 011-24320025 या ईमेल it-helpdesk.rni@gov.in के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, यह कदम मीडिया क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने सभी प्रकाशकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी कानूनी जिम्मेदारियों का पालन करते हुए वार्षिक विवरण समय पर दाखिल करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी परेशानी से बचा जा सके।
